Monday, August 22, 2016

गुडहल के उपयोग,उपचार Benefits of Hibiscus



गुडहल (फूल) के गुण :-
गुडहल एक आम सा फूल है जो कि देखने में सुंदर होता है। ऐसे कई गुडहल के फूल हैं जो कि अलग-अलग रंगों में पाये जाते हैं जैसे, लाल, सफेद , गुलाबी, पीला और बैगनी आदि। यह सुंदर सा गुडहल का फूल स्वास्थ्य के खजाने से भरा पड़ा है। इसका इस्तेमाल खाने- पीने या दवाओं लिए किया जाता है। इससे कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। यह विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का बढिया स्रोत है।
गुडहल के ताजे फूलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग सुंदर हो जाता है।
मुंह के छाले में गुडहल के पते चबाने से लाभ होता है।
डायटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर इसे बर्फ के साथ पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं।
क्या आप जानते हैं कि गुडहल की चाय भी बनती है। जी हां, गुडहल की चाय एक स्वास्थ्य हर्बल टी है। तो आइये जानते हैं गुडहल के स्वास्थ्य और औषधीय लाभ के बारे में-


गुडहल के गुण -

*जपाकुसुम के पत्ते तथा फूल भी बाल झड़ने से रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। अब आप इन दोनों पदार्थों को मिलाकर बालों को स्वस्थ और सुन्दर बना सकते हैं। एक ताज़ा प्याज लें तथा इसे छीलें। इसके बाद इसे ग्राइंडर में डालकर इसका गूदा बनाएं। इस गूदे से पानी को निचोड़ें तथा रस को एक पात्र में रखें। इसमें जपाकुसुम के पत्तों का रस डालें तथा अच्छे से मिलाएं। इस पैक को बालों पर लगाएं और असर देखें।
* गुडहल से बनी चाय को प्रयोग सर्दी-जुखाम और बुखार आदि को ठीक करने के लिये प्रयोग की जाती है।
* गुड़हल के फूल का अर्क दिल के लिए उतना ही फायदेमंद है जितना रेड वाइन और चाय।
*आंवला का प्रयोग सदियों से बालों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। इस फल को कच्चा खाने से भी बालों को पोषण मिलता है तथा चेहरे पर चमक आती है। अगर आप आंवले के रस के साथ जपाकुसुम की पत्तियों का रस मिलाएं तो आपके बाल बिलकुल स्वस्थ हो जाएंगे तथा आपको बाल झड़ने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी।
विज्ञानियों के मुताबिक चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि गुड़हल का अर्क कोलेस्ट्राल को कम करने में सहायक है। इसलिए यह इनसानों पर भी कारगर होगा।
*कैंसर से राहत
गुड़हल की चाय का रोजाना सेवन करके आप कैंसर से बच सकते है। और यदि आपको कैंसर हो चुका है तो भी यह कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को भी धीमा कर देती है। लेकिन हां एक बात का ख्याल रहे की गुड़हल की चाय का सेवन करते समय अपनी ‘कैंसर की मेडिसिन’ नियमित रूप से लेना ना भूले|4. - डायटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर इसे बर्फ के साथ पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं।
*गुडहल के फूल के फायदे, आप अब जपाकुसुम की पत्तियों और फूलों के साथ जैतून का तेल मिलाकर इसे शैम्पू की तरह प्रयोग में ला सकते हैं। इस मिश्रण के लिए आपको ३ से ४ जपाकुसुम के फूल चाहिए होंगे। इस पेड़ की पत्तियों की भी एक समान पत्तियों की मात्रा लें। आप मूसल और मोर्टार की मदद से जपाकुसुम की पंखुड़ियों को मसल सकते हैं। एक बार ये हो जाने पर इस पेस्ट को महीन बनाने के लिए इसमें जैतून के तेल की कुछ बूँदें और थोड़ा पानी डालें। अब इस मास्क को बालों में इस तरह लगाएं कि बालों के जड़ों तक ये पहुँच जाए। इस पैक को १५ मिनट तक रखें और फिर धो दें।



* अगर गुडहल को गरम पानी के साथ या फिर उबाल कर फिर हर्बल टी के जैसे पिया जाए तो यह हाई ब्लड प्रेशर को कम करेगा और बढे कोलेस्ट्रॉल को घटाएगा क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है।
*लोगों को अकसर बाल झड़ने के साथ बालों के पतले होने की समस्या भी पेश आती है। बालों को पतले होने से बचाने के लिए अदरक एक बेहतरीन विकल्प है। इस हेयर पैक को बनाने के लिए अदरक की जड़ का छोटा सा भाग लें। इसे पीसें तथा इसका रस निकालें। अब जपाकुसुम के फूल से रस निकालें तथा इसे अदरक के रस के साथ मिलाएं। इस मिश्रण को बालों पर अच्छे से लगाएं जिससे एक भी बाल ना छूटें। अगर आप इसका प्रयोग रोज़ाना करें तो बालों का दोबारा उगना भी संभव है।
 *गुडहल का फूल काफी पौष्टिक होता है क्योंकि इसमें विटामिन सी, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह पौष्टिक तत्व सांस संबन्धी तकलीफों को दूर करते हैं। यहां तक की गले के दर्द को और कफ को भी हर्बल टी सही कर देती है।
*स्मरण शक्ति बढ़ाये
गुड़हल की पत्तियां शरीर की एनर्जी और इम्युनिटी लेवल को बढ़ाती है। गुडहल के पत्ते या इसके फूलों को सुखाकर पीस लें। अब इसके एक चम्मच पाउडर में एक चम्मच मिर्श्री को मिलाकर पानी के साथ लेने से स्मरण शक्ति तथा स्नायुविक शक्ति बढ़ती है।
 गुडहल के फूलों का असर बालों को स्वस्थ्य बनाने के लिये भी होता है। इसे पानी में उबाला जाता है और फिर लगाया जाता है जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है। यह एक आयुर्वेद उपचार है। इसका प्रयोग केश तेल बनाने मे
भी किया जाता है।
*अगर गुडहल को गरम पानी के साथ या फिर उबाल कर हर्बल टी के जैसे पिया जाए तो यह हाई ब्लड प्रेशर को कम करेगा और बढे कोलेस्ट्रॉल को घटाएगा क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है।
* गुडहल के पत्ते तथा फूलों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर की एक चम्मच मात्रा को एक चम्मच मिश्री के साथ पानी से लेते रहने से स्मरण शक्ति तथा स्नायुविक शक्ति बढाती है।
*कोलेस्ट्रोल रखे नियंत्रित-
गुड़हल के फूल दिल की रक्षा करने के लिए बेहद ही फायदेमंद होते है। यह कॉलेस्ट्रोल, मधुमेह से सम्भंदित बीमारियाँ और रक्तचाप आदि जो की हृदय रोग का कारण बनते है इन सभी परेशानियों को दूर करने में मदद करता है|
॰* गुडहल के फूलों को सुखाकर बनाया गया पावडर दूध के साथ एक एक चम्मच लेते रहने से रक्त की कमी दूर होती है |



प्रकृति में ऐसी कई जड़ीबूटियां हैं जो बालों को स्वस्थ रखने में काफी अहम भूमिका निभाते हैं। इसका एक और उदाहरण जपाकुसुम और करी पत्तों का मिश्रण है। आप जपाकुसुम की पत्तियों, करी पत्तों और नारियल तेल की कुछ बूँदें मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। इसे अच्छे से इस तरह मिलाएं कि एक भी पत्ती न दिखे। एक बार महीन पेस्ट बन जाने पर इसे बालों में अच्छी तरह लगाएं और किसी भी हिस्से को न छोड़ें। क्योंकि इसमें नारियल तेल मिला हुआ है, अतः यह बालों की मसाज काफी अच्छे से करता है।
 यदि चेहरे पर बहुत मुहासे हो गए हैं तो लाल गुडहल की पत्तियों को पानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्वचा पर लगाए |
*किडनी और पथरी की समस्या-
गुड़हल के पत्तो से बनी चाय विदेशो में हर्बल टी के रूप में इस्तेमाल की जाती है। किडनी के रोगियों के लिए गुड़हल की चाय लाभकारी होती है| इससे किडनी की पथरी भी दूर होती है।