Sunday, March 20, 2016

लोबिया फली (चवली की फली) के फायदे Benefits of Black Eye Peas










लोबिया जिन्हे हिंदी में चवली (चवली की फली) के नाम से जाना जाता है ये एक प्रकार की फली है| ब्लैक आई पीज के नाम से जानी जानी वाली ये फलियां भारत के अधिकांश घरों में इस्तेमाल की जाती हैं|
इनमें शानदार टेस्ट और फ्लेवर होने के साथ ही ये पोषक तत्वों से भरपूर हैं जो शरीर के लिए जरूरी हैं| 6 प्रमुख कारण जो लोबिया को टेस्ट और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर बनाते हैं|आइये जानते हैं लोबिया को खाने से सेहत को होने वाले लाभ।

दालें न्यूट्रीशन का प्रमुख स्त्रोत हैं. लोबिया की दाल (Lobhia Dal) में ये और भी अधिक होता है. बढ़ते बच्चों के लिये तो लोबिया की दाल (Black Eye Beans ) और भी अधिक लाभप्रद है

लोबिया का सलाद आप खाने के समय या फिर सुबह नाश्‍ते के समय बना सकती हैं। लोबिया में बहुत सारा प्रोटीन और विटामिन होता है जो कि हर किसी के लिये फायदेमंद है। अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं तो भी आपको ज्यादा इधर-उधर देखने की जरुरत नहीं है , लोबिया सलाद आपकी हर जरुरत को पूरा करेगा।





एक डाईजेस्टीव के रूप में मददगार लोबिया में फाइबर और प्रोटीन की अधिकता होती है जो कि पेट पर सकारात्मक प्रभाव डालती है और पाचन क्रिया में मदद करती है| फाइबर की उपस्थिति पेट से सम्बंधित बिमारियों को दूर रखती है, पेट को आराम प्रदान करती है और भोजन को बेहतर तरीके से पचाती है|

ब्लैक आई पीज ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के लिए जानी जाती हैं और कई प्रकार की दिल की बिमारियों को दूर रखती हैं| पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे फ्लेवोनॉयडस और लिग्निन (एक साइटोस्ट्रोजिन) की उपस्थिति लोबिया को हृदय से सम्बंधित बिमारियों को दूर करने में उपयोगी बनती है|

संक्रमण से बचाव विटामिन ए जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होने के कारण ये फलियां कई प्रकार की बिमारियों को दूर रखती हैं| ये फलियां शरीर को स्वस्थ रखने में उपयोगी हैं क्योंकि ये शरीर से विभिन्न विषाक्त पदार्थों और हानिकारक ऑक्सीजन रहित तत्वों को बाहर करने में मदद करती हैं|

स्वस्थ त्वचा के लिए उपयोगी स्किन को सुचारू रूप से रिपेयर करते हुए लोबिया त्वचा को हेल्दी रखती हैं| इन फलियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट में विटामिन ए और सी की उपस्थिति होती है जो कि फ्री रेडिकल्स से स्किन को हुए नुकसान को दूर करती हैं|




मधुमेह के रोगियों के लिए बेहतर लोबिया का ग्लायसेमिक इंडक्स अन्य सामान्य इस्तेमाल की जाने वाली फलियों और दालों के मुकाबले कम होता है| ऐसे खाद्य जिनका ग्लायसेमिक इंडक्स कम होता है, वे ब्लड शुगर को सामान्य रखते हैं इसलिए ये डाईबिटीज के पेशेंट्स के लिए अच्छा आहार है|

वजन कम करने में मददगार इन ब्लैक आई पीज को खाने से कैलोरी कम होती है इसलिए ये वजन कम करने की दृष्टि से एक अच्छा आहार है| लोबिया डाइटरी फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत है जिससे आपका पेट ज्यादा समय तक भरा रहता है|



Saturday, March 19, 2016

अनार खाने के फायदे Benefits of eating pomegranate




एक अनार सौ बीमार.. ये मुहावरा काफी पुराना है और सही भी है। अनार एक ऎसा फल है जिससे सौ तरह की समस्याओं का समाधान हो सकता है। अनार के दाने या जूस दोनो ही फायदा करते हैं अपने टेस्ट के अनुसार कुछ भी ले सकते हैं।
अनार के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ है। ये विटामिन्स का बहुत अच्छा स्त्रोत है, इसमें विटामीन ए, सी और ई के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है। इसमें एंटी आक्सीडेंट, एंटी वाइरल की विशेषता पाई जाती है।
इसको हम स्वास्थ्य का खजाना कह सकते हैं। नीचे इसके ऎसे ही चमत्कारी लाभ हम आपको बता रहे हैं।

*चिकित्सा अध्ययनों ने ये साबित हुआ है कि अनार फेफड़ो के कैंसर को बढने से रोकता है|
*अनार का जूस रोज़ पीने से ये शरीर में PSA के स्तर को कम करता है और कैंसर से लड़ने वाली कोशिकाओं की मदद करता है|- खून की कमी को दूर करने के लिए अनार का जूस सबसे अच्छा माना जाता है।
*अनार का जूस कम ब्लड प्रेशर वाले लोगो के लियें बहुत फायदा करता है|
 *दिल की बीमारियों के लिए भी अनार को बहुत पौष्टिक माना जाता है।
*अनार के छिलके को पीसकर, उससे चेहरे पर मसाज करने से डेड स्किन साफ हो जाती है. साथ ही ब्लैकहेड्स की समस्या भी दूर हो जाती है. आप चाहें तो इसे ब्राउन शुगर और हनी के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं.
कैंसर से बचाव करने में भी अनार कारगर होता है।




*जो लोग प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से परेशान हैं अगर वो अनार का जूस रोज़ पियें तो उनका कैंसर बढने से रुक सकता है|
*इसके साथ ही यह हडि्डयों को मजबूत करने, ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने, वजन कम करने में भी बहुत लाभकारी होता है।
*अनार, त्वचा की ऊपरी परत को सुर‍क्षित करने का काम करता है. साथ ही ये कोशिकाओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जिससे चेहरे पर निखार आता है.
* अनार खाने से शरीर में खून का प्रवाह ठीक तरह से होता है। इसके साथ-साथ ये हर्ट अटेक और हर्ट स्ट्रोक को भी ठीक कर देता है।
*हाल ही में 58 लोगों पर अध्ययन किया गया जिसमें 21 से 64 वर्ष तक के लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन के दौरान महिला और पुरूष दोनों को ही लगातार 15 दिन तक अनार का जूस पीने के लिए कहा गया। इसमें पाया गया कि जो स्‍त्री-पुरूष रोजाना अनार का जूस पी रहे थे उनमें सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बहुत बढ़ी हुई थी।
*गर्भवती महिला को अनार का जूस पीने से उसका बच्चा स्वस्थ पैदा होता है। उसके होने वाले बच्चे को कम वजन जैसी बीमारी का सामना नहीं करना पड़ता।
*अनार में बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने का विशेष गुण होता है. हर रोज अनार का जूस पीने से चेहरे पर निखार आता है. साथ ही ये कील-मुंहासों की समस्या में भी फायदेमंद है.

 *इसका जूस अधिक उम्र के लोगो को होने वाली अलजाईमर  नामक बीमारी को रोकता है।
*अनार का जूस धमनियों  की  रक्षा करता है! यह धमनियों  में पट्टिकाओं को बनने से रोकता है|
*ये शरीर में बेकार केलोस्ट्रोल को कम करता है और अच्छे केलोस्ट्रोल को बढ़ाता है|
* इसका जूस अधिक उम्र मे  झुर्रियां रोकने में मदद करता है। इसका जूस पीने से चेहरा चमकता और जवान बना रहता है और ये बुढ़ापा भी जल्दी आने नहीं देता।
* इसका जूस पीने से शरीर की गर्मी भी कम होती है।
*आमतौर पर लोग अपनी सेक्स क्षमता बढ़ाने के लिए वियाग्रा का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं वियाग्रा का काम अनार भी कर सकता है। हाल ही में हुए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं की मानें तो रोजाना अनार का जूस पीने से सेक्स क्षमता में उतना ही इजाफा होता है, जितना कि वियाग्रा दवा के सेवन से।

Thursday, March 17, 2016

केला खाने के फायदे Benefits of eating bananas







केला सेहत के लिए बहुत लाभदायक है। रोज एक केला खाना तन-मन को तंदुरुस्त रखता है। केला शुगर और फाइबर का बेहतरीन स्रोत होता है। केले में थाइमिन, नियासिन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन ए और बी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। केले को ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। साथ ही इसमें पानी की मात्रा 64.3 प्रतिशत, प्रोटीन 1.3 प्रतिशत, कार्बोहाईड्रेट 24.7 प्रतिशत तथा चिकनाई 8.3 प्रतिशत होती है। आइए हम आपको बताते हैं कि केला खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।;


दिल के लिए – दिल के मरीजों के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज दो केले को शहद में डालकर खाने से दिल मजबूत होता है और दिल की बीमारियां नहीं होती हैं।





नकसीर के लिए – अगर नाक से खून निकलने की समस्या है तो केले को चीनी मिले दूध के साथ एक सप्ताह तक इस्तेमाल कीजिए। नकसीर का रोग समाप्त हो जाएगा।
वजन बढ़ाने के लिए – वजन बढ़ाने के लिए केला बहुत मददगार होता है। हर रोज केले का शेक पीने से पतले लोग मोटे हो सकते हैं। इसलिए पतले लोगों को वजन बढाने के लिए केले का सेवन करना चाहिए।

गर्भवती के लिए –गर्भावस्था  के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा विटामिन व मिनरल्स की आवश्यकता होती है। इसलिए गर्भवती को यह सलाह दी जाती है कि वह अपने आहार में केला अवश्य शामिल करें।
बच्चों के लिए – बच्चों के विकास के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है। केले में मिनरल और विटामिन पाया जाता है जिसका सेवन करने से बच्चों का विकास अच्छे से होता है। इसलिए बच्चों की डाइट में केले को जरूर शमिल करना चाहिए।
* मैग्निशियम की वजह से केला जल्दी पच जाता है और मेटोबोलिस्म (उपापचय) को दुरुस्त रखता है, कोलेस्ट्रोल कम करता है|
* केला ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है |
* केले में आसानी से रक्त में मिलने वाला आयरन तत्व होता है, केला खाने से खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है इसलिए एनीमिया (रक्ताल्पता) के रोगियों को केला अवश्य खाना चाहिए|












* दुनिया में केले की 300 से भी ज्यादा किस्मे है, केले की लम्बाई 4 इंच से 15 इंच तक पाई जाती है.|

*ज्यादा केला खाने से अपच हो गयी होतो इलायची खाएं, आराम मिलेगा|

* केले पर पड़ने वाले भूरे दाग का मतलब होता है कि केले का स्टार्च पूर्णतः प्राकृतिक शर्करा में बदल चुका है, ऐसा केला आसानी से पचता है|

* केला पोषक तत्वों का खजाना है, केले में थाईमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, विटामिन A, B, B6, आयरन, कैल्शियम, मैगनिशियम, पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं|

*केले का प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाचन भी ठीक करता है, डायरिया में ये खास फायदेमंद है, केले में पाए जाने वाला पेसटिन तत्व कब्ज को दूर रखता है|

* अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए केला का सेवन अवश्य करें, इसमें पाए जाने वाला कैरोटिनॉएड एंटीओक्सिडेंट रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है और आपको संक्रमण से बचाता है|
* केला मधुर, पाचक, वीर्यवर्धक, मांस की वृद्धि करने वाला, भूख-प्यास शांत करने वाला होता है|
* हड्डी मजबूत बनाना होतो केला प्रतिदिन खाइए ,केले में खास प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होता है जिसका कार्य होता है आपके खाने से कैल्शियम को सोखना और हड्डियों को मजबूत करना|
*. केला में पोटैशियम भरपूर पाया जाता है जोकि रक्त-संचार ठीक रखता है जिससे ब्लड-प्रेशर ठीक रहता है|
* परीक्षा से पहले केला खाना अच्छा होता है क्योंकि इसमें पाए जाने वाला पोटैशियम दिमाग को चुस्त और अलर्ट रखता है|
* बच्चों को केला अवश्य खिलाएं क्योंकि यह पोषक तत्वों ,विटामिन ,खनिज तत्वों का खजाना है जिसकी बढ़ते बच्चों को खास आवश्यकता होती है |
* बवासीर के उपचार के लिए केले के बीच में चीरा लगा के एक चने के बराबर देसी कपूर रख कर केला खा लें, लाभ होगा|
* खाने के बाद प्रतिदिन केला खाने से मांसपेशियां मजबूत होती है, पाचन सुगम होता है.
*मुलायम, चमकदार बाल चाहियें हो तो केला में अवोकेडो या कोको पाउडर, नारियल का दूध मिलाकर बालों में 15 मिनट लगे रहने दें|
*केला शरीर में हर प्रकार की सूजन को दूर करता है|
* जले हुए स्थान पर केला मसल कर लगायें, जलन शांत होगी|
* ड्राई आँखों की समस्या में केले का सेवन अवश्य करें, यह सोडियम का स्तर सामान्य करता है और कोशिकाओं में द्रव प्रवाहित करता है|
*चोट से खून बहना न रुके तो केले के डंठल का रस लगायें|
*पित्त शांत करने के लिए पका केला देशी घी के साथ खाएं|
* केला पेट के अल्सर के लिए बहुत राहत देता है, यह पेट में मोटी रक्षक म्युकस लेयर बनाता है जोकि घाव को ठीक करने में सहायक होती है,|साथ ही प्रोटीज तत्व पेट में पाए जाने वाले अल्सरकारक बैक्टीरिया से मुक्ति दिलाता है|





*. 2 केला दही के साथ खाने से पेचिश, दस्त में आराम मिलता है.
* शारीरिक श्रम करने वालो को केला सेवन मांशपेशियों की जकड़न से बचाता है.
* केला किडनी के कैंसर से रक्षा करता है.
*रूखी त्वचा के लिए पका केला मसल कर चेहरे पर लगायें, 20-25 मिनट लगे रखने दें फिर हलके गर्म पानी से धो लें, चेहरा मुलायम, स्निग्ध हो जायेगा.
*फटी एड़ियों के उपचार के लिए केले का गूदा एड़ियों पर 10 मिनट लगे रखने दें फिर धो लें.
*कील, मुहांसों की समस्या से निजात पाने के लिए एक केला को मसल कर, शहद, नींबू रस मिलाकर चेहरे पर लगायें, लाभ होगा. 34. मुंह में छाले के उपचार के लिए गाय के दूध की दही के साथ केला सेवन करें.
* कच्चा केला मसल कर उसमे दूध मिलाकर चेहरे पर लगायें, चंमक और निखार आयेगा.
*. केला विटामिन B6 का एक बढ़िया स्रोत है जोकि नर्वस सिस्टम को सबल बनाता है, इसके अतिरिक्त याददाश्त और दिमाग तेज करता है.
* केला एसिडिटी दूर करता है और पाचन प्रक्रिया ठीक रखता है.
का स्तर बढ़ा कर आपको शक्ति देगा
*केला जठराग्नि बढाता है साथ ही आमाशय, आंतो की सूजन दूर करने में भी केला लाभप्रद माना जाता है.
*शराब ज्यादा पीने की वजह से हुए हैंगओवर को ठीक करने के लिए केला-शेक पियें.
* दिल को मजबूत रखना होतो, 2 केला शहद मिला कर खाएं.
* वजन बढ़ाने के लिए केला खास असरकारक होता है इसलिए केला ,दूध ,शहद और चुटकी भर इलायची पाउडर मिलाकर प्रतिदिन सुबह केला-शेक पियें या केला खाकर ऊपर से दूध पियें.

Sunday, March 13, 2016

हींग के फायदे The advantages of asafoetida










हींग पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा से ही कारगर साबित हुआ है. जानिए, एक चुटकी हींग से किन-किन समस्याओं से आसानी से निजात पाई जा सकती है.
थोडी सी हींग पीसकर पानी में घोल लें और शीशी में भर लें। इसे सूंघने से सर्दी-जुकाम, सिर का भारीपन व दर्द में आराम मिलत है। पीठ, गले और सीने पर पानी का लेप करने से खांसी, कफ, निमोनिया और श्वास कष्ट में आराम मिलता है। हींग सूंघने से जुकाम से बंद हुई नाक खुल जाती है।
पेट की समस्याओं को करता है दूर- पेट की होने वाली कई तरह की दिक्कतों को हींग के सेवन से ठीक किया जा सकता है. हींग में मौजूद तत्वों जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स से हाजमें की दिक्कत, अपसेट स्टमक, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, फूड प्वॉइजनिंग और पेट में कीडें जैसी समस्याओं को भी ठीक किया जा सकता है|




अपने फूड या करी में एक चुटकी हींग डालकर खाएं. इसके अलावा आधे गिलास पानी के साथ एक चुटकी हींग खाना खाने के बाद लेने से भी आराम मिलता है|


सांस की बीमारियों का इलाज- हींग से अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, ड्राई कफ, कोल्ड जैसी दिक्कतों को भी ठीक किया जा सकता है. चेस्ट कंजेशन को ठीक करने में भी हींग कारगर है|

यदि दाद हो गया हो तो थोडी सी हींग पानी में घिसकर प्रभावित अंग पर लगाएं, इससे दाद ठीक हो जाते हैं। त्वचा के रोगों में हींग बहुत ही प्रभावशाली होती है।
* हींग को पानी में डालकर पीस लें और इसके तैयार पेस्ट को छाती पर लगाने से कफ से निजात मिलेगी. आप चाहे तो आधी चम्मच हींग पाउडर को सूखी अदरक पाउडर में दो चम्मच शहद के साथ मिलाएं. इस मिक्चर को दिन में तीन बार ड्राई कफ, ब्रॉन्काइटिस और अस्थमा से बचने के लिए पीएं.|

*छाछ में या भोजन के साथ हींग का सेवन करने से अजीर्ण वायु, हैजा, पेट दर्द, आफरा में आराम मिलता है।
*पेट पर विशेषकर नाभि के आसपास गोलाई में इस पानी का लेप करने से पेट दर्द, पेट फूलना व पेट का भारीपन दूर हो जाता है।
*पीरियड्स में दिक्कत- हींग महिलाओं के लिए तो वरदान है. पीरियडस के दर्द से निजात पाने के लिए अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करने के लिए और पीरियडस के दौरान अधिक ब्लड आने की समस्या से बचने के लिए हींग का सेवन करे|
 *एक चुटकी हींग को आधे चम्मच मेथी पाउडर और एक चुटकी नमक के साथ एक कप छाछ में मिलाएं. इस मिक्चर को रोजाना दिन में दो से तीन बार एक महीने के लिए पीएं. इससे पीरियड्स की हर समस्या दूर हो जाएगी|




*हींग के चूर्ण में थोडा सा नमक मिलाकर पानी के साथ लेने से लो ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है।
*सिरदर्द को करता है दूर- जब भी आपको कोल्ड की वजह से सिरदर्द हो, माइग्रेन हो तो हींग निश्चित तौर पर आपकी ये समस्या दूर कर सकता है. हींग में मौजूद सूजन विरोधी तत्वों से सिरदर्द आसानी से कम हो जाता है.
विधीः एक चुटकी हींग को डेढ़ कप पानी में डाले और 15 मिनट तक उबालें. इस मिश्रण को कुछ दिनों तक पीने से सिरदर्द गायब  हो जाएगा.
*कांटा या कांच चुभने पर हींग का घोल उस जगह लगाने पर कुछ ही समय में आराम आ जाता है।
*दांत में दर्द- एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होने से हींग से दांत के दर्द और इंफेक्शन को भी दूर किया जा सकता है. यहां तक की मसूडों में दर्द और गम्स ब्लीडिंग को भी ठीक किया जा सकता है|

*दांत के दर्द से निजात पाने के लिए दर्द वाले हिस्से में एक बहुत छोटा टुकड़ा हींग रख दें. आप चाहे तो हींग को हल्के गुनगुने पानी में डालकर कुल्ला भी कर सकते हैं.
भुनी हुई हींग को रूई के फाहे में लपेटकर दाढ़ पर रखने से राहत मिलती है। दांत में कीडा लगने पर भी इससे आराम मिलता है।
*कान में दर्द- इंफेक्शन के कारण कान में होने वाले दर्द से भी हींग से छुटकारा पाया जा सकता है|

* नारियल तेल गर्म कर लें. हींग के कुछ छोटे टुकड़े इस तेल में डालें और गलने तक तेल गर्म करें. जब ये तेल हल्का गर्म हो तो कानों में ईयरड्रॉप्स के रूप में डालें.
पसलियों में दर्द होने पर हींग रामबाण की तरह से काम करता है। ऎसे में हींग को गरम पानी में घोलकर लेप लगाएं, सूखने पर प्रक्रिया दोहराएं। आराम मिलेगा।
नवजात में होने वाली गैस प्रॉब्लम को ठीक करना है तो हींग को हल्के गुनगुने पानी में गर्म करके बच्चे की नाभि पर लगाएं. लेकिन ध्यान रहे बच्चे को पेट दर्द गैस्ट्रिक प्रॉब्लम की वजह से हो तभी ऐसा करें|





*कैंसर- हींग एक पॉवरफुल एंटीऑक्सी‍डेंट है. ये शरीर में कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है.
*यदि नासूर हो गया है और घाव सडने लगता है तो हींग को नीम के पत्तों के साथ पीसकर घाव पर लगाने से कुछ ही दिनों में आराम आ जाता है।
*उत्तेजना की समस्या हो या नपुंसकता का इलाज करना हो पुरुषों के लिए हींग रामबाण हैं|
* एक चौथाई चम्मच हींग को थोड़े से मक्खन में भून लें. ठंडा होने पर इसमें बरगद के पेड़ की छाल और थोड़ा सा शहद मिलाओ. इस मिश्रण  को रोजाना 40 दिन तक सुबह लें. आपको अपनी स्थिति  में सुधार दिखेगा|
*कीट दंश - अगर आपको किसी कीड़े ने काट लिया है और दर्द से निजात पाना चाहते हैं तो हींग का इस्तेमाल करें.
*हींग का पाउडर बनाकर उसमें पानी मिलाएं. इसे दर्द वाली जगह पर लगाएं. सूखने दें और बाद में हटाएंगे तो दर्द से राहत मिलेगी. इस पेस्ट को बार-बार लगाए|
*प्रसव के उपरांत हींग का सेवन करने से गर्भाशय की शुद्धि होती है और उस महिला को पेट संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है।
* जो लोग उच्च रक्तचाप  के लिए दवाईयां ले रहे हैं या ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें हींग का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी हींग नहीं लेना चाहिए|

Saturday, March 12, 2016

शिमला मिर्च खाने के फायदे The advantages of Shimala chili










आम तौर पर सब्जी, नूडल्स और गार्निशिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली शिमला मिर्च को कई लोग सलाद के रूप में भी खाना पसंद करते हैं. शिमला मिर्च में कैलोरी न के बराबर होती है जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ नहीं पाता है. इसके अलावा शिमला मिर्च के और भी ढेरों फायदे हैं:शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है जो कि न सिर्फ सलाद के रूप में बल्कि सब्जी बनाकर भी बहुत चाव से खाई जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये सब्जी केवल स्वाद ही नहीं है इसके अलावा इसे खाने के कुछ स्वास्थ्य वर्धक फायदे भी हैं। आज हम आपको परिचित करवाने जा रहे हैं शिमला मिर्च खाने के कुछ ऐसे ही अनोखे गुणों से.....


शिमला मिर्च स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जियों में से एक है। इससे बनने वाली हर डिश बेहद स्वादिष्ट और लाजबाव होती है इसमें कई पोषक तत्व , विटामिन सी, फाइबर और एंटी आक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते है। इसमें मिनरल्स भी काफी मात्र मे है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से कई स्वस्थ्य लाभ होते है।

















पाचन तंत्र मजबूत बनाएं इसमें पाचन से संबन्धित समस्याओं को दूर करने के कई गुण होते है। इसे खाने से पाचन क्रिया ठीक जाती है और पेट में दर्द, गैस, कब्ज आदि की समस्याएँ दूर हो जाती है। इसके सेवन से पेट में होने वाले छालों की तकलीफ भी दूर हो सकती है।


मधुमेह में राहत शिमला मिर्च के सेवन से डायबटीज में राहत मिलती है और शरीर में रक्त शर्करा का लेविल सही रहता है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में ज्यादा कैलोरी का संचय नहीं होता है। इसके सेवन से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा ज्‍यादा नहीं होती

इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर

विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से संक्रामक रोगों से लड़ने में भी मदद करता है. ये रोग-प्रतिरक्षा को भी बढ़ाने में कारगर है. इंफेक्शन, अस्थमा में भी ये फायदेमंद है. यह श्वेत रक्त कणो को इंफेक्शन से लडऩे में उत्तेजित करती है। इससे इम्युन सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही शिमला मिर्च सास संबंधित समस्याएं जैसे फेफड़े का इंफेक्शन, अस्थमा आदि से बचाव करती है।


बॉडी का मेटॉबालिज्म बढ़ाए-यह शरीर में समाए ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कम करती है, जिससे कैलोरी को बर्न करने में मदद मिलती है।अगर आप वजन घटाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो शिमला मिर्च आपके लिए बहुत ही अधिक फायदेमंद है. इसमें बहुत ही कम मात्रा में कैलोरी होती है जो वजन घटाने में मददगार है. इससे मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया बढ़ती है. कैलोरीज बर्न करने के साथ ही ये कोलेस्ट्राल का स्तर बढ़ने नहीं देता है.


एंटीआक्सीडेंट
की तरह काम करता है-शिमला मिर्च में विटामिन ए और सी होता है जो कि बहुत ही ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को हार्ट अटैक, ओस्टीयोपोरोसिस , अस्थमा और मोतियाबिंद से लडऩे में सहायता करता है|

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है- इसके अंदर बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती इसलिए यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नहीं बढ़ाती। साथ ही यह वजन को संतुलित करने मे हितकारी है |इसमें दिल को ठीक रखने वाले कई गुण होते हैं। इसके सेवन से ह्दय की धमनियां भी बंद नहीं होती है क्योंकि इसमें कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा की बहुत कम होती है।

दर्द निवारक- इसमें एक तत्व पाया जाता है, जो कि माना जाता है कि वह दर्द को त्वचा से स्पाइनल कॉर्ड तक जाने से रोक देती है। इससे दाद, नसों के दर्द के इलाज आदि में प्रयोग किया जा सकता है।शिमला मिर्च का प्रमुख तत्व केयेनिन होता है जो शरीर में दर्द के प्रभाव को घटाने का काम करता है। इसके सेवन से गठिया की समस्या से भी राहत मिलती है। पेनकिलर ट्यूब या जेल में भी यही तत्व मौजूद होता है, जिसे लगाते ही दर्द गायब हो जाता है।





अस्थमा और कैंसर में फायदेमंद-शिमला मिर्च को कई पुराने सालों से अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने के लिये प्रयोग किया जाता जा रहा है। शिमला मिर्च में पाए जाने वाले विटामिन सी, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन भरा पड़ा होता है। इसीलिए इन बीमारियों में फायदेमंद होती है।

Friday, March 11, 2016

दाल चावल खाने के फायदे Benefits of eating rice , pulses




आमतौर पर  लोगों के घर में हर रोज दाल-चावल बनता है| . कुछ लोगों के घर में ये दोपहर का मुख्य आहार होता है तो कुछ के घर में रात का. पर दाल-चावल एक ऐसी चीज है जिसे हम रोज खा सकते हैं|




दाल-चावल को पसंद किए जाने की बहुत सी वजहें हैं. पहली तो इसका स्वाद. सादा और मीठास भरा. दाल-चावल को पसंद किए जाने की दूसरी और सबसे बड़ी वजह ये है कि ये झटपट तैयार हो जाता है. कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो केवल एक वर्ग विशेष को ही पसंद आते हैं, पर दाल-चावल एक ऐसी चीज है जो हर वर्ग  के लोग चाव से खाते  है|

दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन,और फाइबर होता  है और चावल  मे पर्याप्त  कार्बोहाइड्रेट  होता है| ऐसे में ये एक हेल्दी डाइट है.|

दाल-चावल खाने के फायदे :-
1. दाल में कई ऐसे अमीनो एसिड्स होते हैं जो चावल में नहीं होते. ऐसे में जब आप दाल और चावल साथ खाते हैं तो आपको ये सारे पोषक तत्व मिल जाते हैं.






2. दाल और चावल दोनों में ही फाइबर की भरपूर मात्रा होती है.ये एक सुपाच्य व्यंजन है. फाइबर की मौजूगी से पाचन क्रिया बेहतर बनती है. अगर आप सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का इस्तेमाल करते हैं तो ये और भी फायदेमंद है. ब्राउन राइस में सेलेनियम, मैंगनीज, कॉपर, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक लवण पाए जाते हैं.

3. मांसाहार करने वालों में प्रोटीन की कमी नहीं होने पाती लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए दाल ही प्रोटीन का प्रमुख माध्यम है. इसमें मौजूद फोलेट दिल को सुरक्षित रखने में भी मददगार होता है.

4. ऐसा माना जाता है कि चावल खाने से वजन बढ़ जाएगा. पर ऐसा नहीं है. दाल-चावन खाने से काफी देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है. जिससे दिनभर कुछ-कुछ खाने की जरूरत नहीं पड़ती और एक्स्ट्रा कैलोरी जमा नहीं होने पाती है.

Monday, March 7, 2016

पेट दर्द मे घरेलू उपाय : Home Remedies to cure upset Stomach









वैसे तो पेट दुखने के अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पेट दर्द का एक मुख्य कारण अपच, मल सूखना, गैस बनना यानी वात प्रकोप होना और लगातार कब्ज बना रहना भी है। पेट दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय है, जो दर्द तो दूर करते है, साथ ही साथ पेट की क्रियाओं को भी ठीक करते है।अगर आपका पेट खराब हो गया है और आप दवाई खाने से बचना चाहते हैं तो इन घरेलू उपायों का अपनाकर आप राहत पा सकते हैं. ये उपाय पूरी तरह घरेलू हैं इसलिए इन पर भरोसा करने में कोई नुकसान भी नहीं है-

*सेब का सिरका
बात जब पेट दर्द में घरेलू उपाय की हो तो सेब के सिरके से बेहतर कुछ भी नहीं. सेब के सिरके में पेक्ट‍िन की पर्याप्त मात्रा होती है जिससे पेट दर्द और मरोड़ में राहत मिलती है. इसका अम्लीय गुण खराब पेट के संक्रमण को ठीक करने में भी कारगर है.|एक चम्मच सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्दी आराम होता है|.
*अगर पेट दर्द एसिडीटी (अम्लता) से हो रहा हो तो पानी में थोड़ा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।एक चम्मच शुद्ध घी में हरे धनियें का रस मिलाकर लेने से पेट की व्याधि दूर होती है।
*अदरक
उदर मे असुविधा में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है. इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.
*अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कर मिलाकर प्रयोग करें। पेट दर्द में लाभ होगा। दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।
*अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक-एक चम्म च मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द दूर होता है।
*मेथी के बीज पानी में भिगोएं। पीसकर पेस्ट बनाएं। और इस पेस्ट को 200 ग्राम दही में मिलाकर दिन में दो बार लेने से पेट के विकार नष्ट होते हैं।
*जीरा-अगर आपको लगातार दस्त हो रहे हों तो एक चम्मच जीरा चबा लें. अमूमन सभी घरों में मिलने वाला ये मसाला दस्त में काफी फायदेमंद है. जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं.




*पेट दर्द निवारक चूर्ण बनाएं। इसके लिए भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ, लहसून, धनिया, हींग सूखी पुदीना पत्ती, सबकी बराबर मात्रा लेकर बारिक चूर्ण बनाएं। इसमें थोडा सा काला नमक भी मिलाएं। खाने के बाद एक चम्मच थोड़े से गर्म पानी के साथ लें। पेट दर्द में आशातीत लाभकारी है।बिना दूध की चाय पीने से भी कुछ लोग पेट दर्द में आराम महसूस करते हैं।
*दही-पेट दर्द में दही का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहता है. दही में मौजूद बैक्टीरिया संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिससे पेट जल्दी ठीक होता है. साथ ही ये पेट को ठंडा भी रखता है|
*बेल का शरबत  बेल फाइबर से युक्त होता है और इससे बना शरबत भी काफी गाढ़ा और फाइबर युक्त होता है. फाइबर पेट को बांधने का काम करता है, जिससे दस्त जल्दी रुक जाते हैं||
*आयुर्वेद के अनुसार हींग दर्द निवारक और पित्तव‌र्द्धक होती है। छाती और पेट दर्द में हींग का सेवन बेहद लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर एकदम थोडी सी हींग को एक चम्मच पानी में घोलकर पका लें। फिर बच्चे की नाभि के चारों लगा दें। कुछ देर बाद दर्द दूर हो जाता है।

* पुदीना पुदीना एक बेहद हेल्दी हर्ब है. सदियों से इसका प्रयोग  पेट से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किया जाता रहा है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाचन क्रिया को सुधारने में भी सहायक होता है.
*अनार पेट दर्द मे फ़ायदेमंद है। अनार के बीज निकालें। थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च का पाउडर डालें। और दिन में दो बार लेते रहें।इसबगोल के बीज दूध में 4 घंटे भिगोएं। रात को सोते समय लेते रहने से पेट में मरोड का दर्द और पेचिश ठीक होती है।

* ज्यादा से ज्यादा करें पानी का सेवन -पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं| 




*आप फलोें का जूस और सब्जियों का रस भी ले सकते हैं| बेहतर होगा अगर पानी में लवण मिला हो. आप चाहें तो नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी ले सकते हैं.|गाजर का जूस भी ऐसे समय में काफी फायदेमंद होता है.
*सौंफ़ में पेट का दर्द दूर करने के गुण होते है। 15 ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में भिगोएं। छानकर सुबह खाली पेट पीयें। बहुत गुणकारी उपचार है।

*केला -अगर आप बार-बार हो रहे मोशन से परेशान हो चुके हैं तो केले का इस्तेमाल आपको राहत देगा| इसमें मौजूद पेक्टिन पेट को बांधने का काम करता है.|इसमें मौजूद पोटै‍शियम की उच्च मात्रा भी शरीर के लिए फायदेमंद होती है|नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार पीने से पेट दर्द से आराम मिलता है।

Sunday, March 6, 2016

पेशाब मे जलन के उपचार :Burning urination treatment





धूप में व तेज गर्मी में काम करने से व घूमने से उष्ण प्रकृति के पदार्थों के अति सेवन से मूत्राशय पर गर्मी का प्रभाव हो जाता है, जिससे पेशाब में जलन होती है।
कभी-कभी जोर लगाने पर पेशाब होती है, पेशाब में भारी जलन होती है, ज्यादा जोर लगाने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब होती है। इस व्याधि को आयुर्वेद में मूत्र कृच्छ कहा जाता है। इसका उपचार इस प्रकार है-

उपचार : कलमी शोरा, बड़ी इलायची के दाने, मलाई रहित ठंडा दूध व पानी। कलमी शोरा व बड़ी इलायची के दाने महीन पीसकर दोनों चूर्ण समान मात्रा में लाकर मिलाकर शीशी में भर लें।
*एक भाग दूध व एक भाग ठंडा पानी मिलाकर फेंट लें, इसकी मात्रा 300 एमएल होनी चाहिए। एक चम्मच चूर्ण फांककर यह फेंटा हुआ दूध पी लें। यह पहली खुराक हुई। दूसरी खुराक दोपहर में व तीसरी खुराक शाम को लें।
दो दिन तक यह प्रयोग करने से पेशाब की जलन दूर होती है व मुँह के छाले व पित्त सुधरता है। शीतकाल में दूध में कुनकुना पानी मिलाएँ।
*पेशाब में जलन होना आम समस्या है लेकिन बहुत से लोग इसे नजरअंदाज कर जाते हैं। कभी-कभी यह कुछ समय के लिये ही होती है और कभी यह महीनो तक चलती है। यह बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है। इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं जैसे, मूत्र पथ संक्रमण, किडनी में पथरी या डीहाइड्रेशन आदि।
अब मैं बताऊंगा कि पेशाब में जलन को किस तरह से घरेलू उपचार से ठीक किया जा सकता है।




पेशाब मे जलन के संभावित कारण-
संकीर्ण मूत्र मार्गमूत्र पथ संक्रमण
डीहाइड्रेशन
किडनी में पथरी
लीवर के रोग
शुक्राणु या वीर्यकोष में संक्रमण
यौन संचारित रोग
बढ़ी हुई प्रॉस्टेट ग्रंथि
डायबीटीज़
*सबसे पहले तो खूब सारा पानी पिये नहीं तो शरीर में पानी की कमी हो जाएगी और पेशाब पीले रंग की दिखाई पड़ने लगेगी। दिन में कुछ घंटो के भीतर 2-3 गिलास पानी पिये। अगर पेशाब करने के बाद अधिक देर तक जलन हो तो आपको मूत्र पथ संक्रमण है।
*खट्टे फल यानी की सिट्रस फ्रूट खाइये क्‍योकि इसमें सिट्रस एसिड होता है जो कि मूत्र संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं को मारता है।
*ताजे मक्के के भुट्टे पानी मेंं उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन में लाभ होता है।
*पेशाब की जलन में कच्चे दूध में पानी मिलाकर रोज पिएं, लाभ होगा। ठंडे पानी या बर्फ के पानी में कपड़ा भिगोकर नाभि के नीचे बिछायें, रखें। लाभ होगा
*आमला का रस भी पेशाब की जलन को ठीक करने में सहायक है।
*नारियल का पानी डीहाइड्रेशन तथा पेशाब की जलन को ठीक करता है। आप चाहें तो नारिल पानी में गुड और धनिया पाउडर भी मिला कर पी सकते हैं।
*ककड़ी गुणों का भंडार है। यह शीतल व पाचक है। ककड़ी खाने से पेशाब खुलकर लगती है। गर्मी के दिनों यह लू से बचाव में सहायक है। ककड़ी के बीजों में स्टार्च, तेल, शर्करा और राल पाए जाते है। ककड़ी में क्षारीय तत्व भी पाए जाते है, जो मूत्र संस्थान की कार्यप्रणाली के सुचारु रूप से संचालन में सहायक हैं। ककड़ी पेशाब की जलन को दूर करने में सहायक है। बदहजमी की स्थिति में ककड़ी के 8 से 10 बीजों का मट्ठे के साथ सेवन करने से राहत मिलती है। ककड़ी खाने केबाद 20 मिनट तक पानी न पिएं।
*संभोग करते समय सावधानी बरते | योनि में सूखापन आ जाने की वजह से पेशाब में जलन होने लगती है।
*बूढ़े आदमी बार-बार पेशाब जाते हों तो नित्य छुआरे खिलायें। रात को छुआरे खाकर दूध पिएं।
*नींबू के बीजों को पीसकर नाभि पर रखकर ठण्डा पानी डालें। रुका हुआ पेशाब होने लगता है।

*रात को बार-बार पेशाब जाना शाम को पालक की सब्जी खाने से कम हो जाता है।
*एक पानी के गिलास में 1 चम्मच धनिया पाउडर मिला कर रातभर के लिये भिगो दें। सुबह उसे छान लें और उसमें चीनी या फिर गुड मिला कर पी लें।
*एक केला खाकर आँवले के रस में शक्कर मिलाकर पिएं। लाभ होगा। अकेला केला खाने से भी लाभ होता है।
*जामुन की गुठली का चूर्ण आधा चम्मच शाम को पानी के साथ लेने से पेशाब में शर्करा आना ठीक हो जाता है। जामुन की गुठली और करेले सुखाकर समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें और एक चम्मच सुबह शाम पानी से फंकी लें।
*जननांग की स्वच्छता बनाए रखें। कई बार, योनि या लिंग में संक्रमण होने की वजह से भी मूत्र मार्ग को प्रभावित करते हैं। यदि आपको यह समस्‍या हो चुकी है तो अब से कुछ सावधानियां बरते जैसे, दिन में 2-3 बार जननांग को धोएं।
*तीन आँवलों का रस पानी में मिलाकर सुबह-शाम चार दिन पीने से बार-बार पेशाब जाना बंद हो जाता है
*गुर्दे की खराबी से यदि पेशाब बनना बंद हो जाए तो मूली का रस दो औंस प्रति मात्रा पीने से वह फिर बनने लगता है।


Friday, March 4, 2016

दही खाने के फायदे: Benefits of curd




*दही को सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिसके कारण यह दूध की तुलना में जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां, जैसे अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, छाछ का उपयोग करने से आंतों की गर्मी दूर हो जाती है।
*डाइजेशन अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है। दूध से बनने वाले दही का उपयोग खाने में हजारों सालों से हो रहा है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने वाले कैल्शियम की मात्रा दूध की अपेक्षा दही में 18 गुणा ज्यादा होती है।
*दही के नियमित सेवन से आंतों के रोग और पेट की बीमारियां नहीं होती, तथा कई प्रकार के विटामिन बनने लगते हैं।
*दही का नियमित सेवन शरीर के लिए अमृत के समान माना गया है। यह खून की कमी और कमजोरी दूर करता है। दूध जब दही का रूप ले लेता है। तब उसकी शर्करा अम्ल में बदल जाती है। इससे पाचन में मदद मिलती है। जिन लोगों को भूख कम लगती है। उन लोगों को दही बहुत फायदा करता है।


दही में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की अद्भुत क्षमता होती है। यह हमारे रक्त में बनने वाले कोलेस्ट्रोल नामक घातक पदार्थ को बढ़ने से रोकता है, जिससे वह नसों में जमकर ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित न कर पाता और हार्टबीट सही बनी रहती है।
*दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। पेट में गड़बड़ होने पर दही के साथ ईसबगोल की भूसी लेने या चावल में दही मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट के अन्य रोगों में दही को सेंधा नमक के साथ लेना फायदेमंद होता है। दही में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की अद्भुत क्षमता होती है। यह हमारे रक्त में बनने वाले कोलेस्ट्रोल नामक घातक पदार्थ को बढ़ने से रोकता है, जिससे वह नसों में जमकर ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित न कर पाता और हार्टबीट सही बनी रहती है।
*अमेरिकी आहार विशेषज्ञों के अनुसार दही का नियमित सेवन करने से आंतों के रोग और पेट संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं।
*दही में कैल्शियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो हमारे शरीर में हड्डियों का विकास करती है और उन्हें मजबूती प्रदान करती है। दांतों एवं नाखूनों की मजबूती एवं मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में भी दही सहायक होती है
*दही में दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की गजब की क्षमता है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की धड़कन सही बनाए रखता है।
*दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।
*हींग का छौंक लगाकर दही खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है।
*बवासीर रोग से पीड़ित रोगियों को दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीने से फायदा मिलता है।
 *दही शरीर पर लगाकर नहाने से त्वचा कोमल और खूबसूरत बन जाती है। इसमें नींबू का रस मिलाकर चेहरे, गर्दन, कोहनी, एड़ी और हाथों पर लगाने से शरीर निखर जाता है। दही की लस्सी में शहद मिलाकर पीने से सुंदरता बढ़ने लगती है।




*बालों को सुंदर और आकर्षक बनाए रखने के लिए दही या छाछ से बालों को धोने से फायदा होता है। इसके लिए नहाने से पहले बालों में दही से अच्छी मालिश करनी चाहिए।कुछ समय बाद बालों को धो लेने से बालों की खुश्की या रूसी खत्म हो जाती है।
* पेट के रोगियों को चाहिए कि ज्वार की रोटी के साथ दही लें। दही का सेवन भुने हुए जीरे व सेंधा नमक के साथ करें।
*दही की मलाई को मुंह के छालों पर दिन में दो-तीन बार लगाने से छाले दूर हो जाते हैं। दही और शहद को समान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से भी मुंह के छाले दूर हो जाते हैं
 *दुबले व्यक्तियों को चाहिए कि दही में किशमिश, बादाम, छुहारा आदि मिलाकर पीएं। इससे वजन बढ़ता है।
*दही और बेसन के मिश्रण से मालिश करें। कुछ देर बाद नहा लें। पसीने की दुर्गंध दूर हो जाएगी।
 *बालों को सुंदर, स्वस्थ व नीरोग रखने के लिए बालों को धोने के लिए दही या छाछ का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि दही में वे सब तत्व मौजूद रहते हैं, जिनकी बालों को आवश्यकता रहती है। स्नान से पूर्व दही को बालों में डालकर अच्छी तरह मालिश करें ताकि बालों की जड़ों तक दही पहुंच जाए। कुछ समय बाद बालों को धो दें। दही के प्रयोग से खुश्की, रूसी (ईखर) व फियास समाप्त हो जाती है।
*दही के साथ शहद मिलाकर जिन बच्चों के दांत निकल रहे हों, उन्हें चटाना चाहिए। इससे दांत आसानी से निकल जाते हैं।
*रात में नींद न आने की परेशानी से निपटने के लिए दही खाएं
दही सेवन करने मे निम्न सावधानियाँ रखना  जरूरी है-
1) त्वचा रोगों में दही का सेवन सावधानी पूर्वक चिकित्सक के निर्देशन में करना चाहिए।
2) मात्रा से अधिक दही के सेवन से बचना चाहिए।
3) अर्श (पाईल्स ) के रोगियों को भी दही का सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
4) .दही सदैव ताजी एवं शुद्ध घर में मिटटी के बर्तन की बनी हो तो अत्यंत गुणकारी होती है।
5) सायंकालीन भोजन व रात्रि में दही का सेवन नहीं करें।
6) विद्यार्थियों को परीक्षा के दिनों में दही का सेवन जहां तक हो सके  नहीं  करना चाहिए। जिन छात्रों को दोपहर व सायंकाल परीक्षा का समय हो तो विशेष सावधानी रखना चाहिए। दही आलस्य लाता है।
7) खट्टा दही सेवन न करें। ताजे दही का प्रयोग करें।
8) सर्दी, खांसी, अस्थमा के रोगियों को भी दही से परहेज करना चाहिए।

Thursday, March 3, 2016

तुअर (अरहर) की दाल खाने फायदे :Benefits of TUR dal





अरहर एक विलक्षण गुण सम्पन्न फसल है। इसका उपयोग अन्य दलहनी फसलों की तुलना में दाल के रूप में सर्वाधिक किया जाता है।
अरहर की दाल में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन के साथ-साथ amino acids ,methionine ,lysine or tryptophan भी पाए जाते हैं |
दाल के रूप में उपयोग में ली जानेवाली सभी दलहनों में अरहर का प्रमुख स्थान है | यह गर्म तथा शुष्क होती है इसलिए इसे देसी घी में छौंककर खाना चाहिए | अरहर की दाल में पर्याप्त मात्रा में घी मिलाकर खाने से वह वायुकारक नहीं रहती | यह दाल त्रिदोषनाशक (वात ,पित्त और कफ़ ) है , अतः यह सभी के लिए अनुकूल है |
आइये जानते हैं अरहर के कुछ औषधीय गुण -





1)अरहर के पत्तों और दूब घास का रास निकालकर छान लें , इसे सूंघने से आधे सर का दर्द दूर होता है |
2) अरहर के पत्तों को जलकर राख बना लें , इस राख को दही में मिलाकर लगाने से खुजली समाप्त होती है |
3) अरहर की दाल खाने से पेट की गैस की शिकायत दूर होती है |
4) रात को अरहर की दाल पानी में भिगो दें , सुबह इस पानी को गर्म करके गरारे करने से गले की सूजन दूर होती है |
5)अरहर के कोमल पत्ते पीसकर घावों पर लगाने से घाव जल्दी भरते है |
6) यदि शरीर के किसी अंग पर सूजन है तो चार चम्मच अरहर की दाल को पीसकर बांधने से उस अंग की सूजन खत्म हो जाती है |
7) अरहर की दाल पाचक है तथा इसका सेवन बवासीर , बुखार, गुल्म रोगों में लाभकारी है |
8)अरहर की दाल में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन के साथ-साथ amino acids ,methionine ,lysine or tryptophan भी पाए जाते हैं |
9)अरहर की दाल खाने से बॉडी को कई न्यूट्रि‍शंस प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट्स जैसे पोषक तत्व मिलते हैं|
10) अरहर की दाल प्रोटीन और फाइबर का बहुत बड़ा स्रोत हैं. साथ ही ये कॉलेस्ट्रॉल फ्री है. अरहर की दाल को चावल के साथ खाने से प्रोटीन की कमी नहीं रहती|

11) अरहर की दाल आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी और मिनरल्स की कमी को पूरा करता है|




12) तूर दाल में मौजूद फोलिक एसिड महिलाओं को बहुत फायदा पहुंचाता है. ये महिलाओं के लिए विटामिन का बढ़िया स्रोत्र है. खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए. न्‍यूयॉर्क की एक रिसर्च के मुताबिक, भरपूर मात्रा में फोलिक एसिड लेने से दिमाग और रीढ़ की हड्डियों संबंधित बीमारियों से बच सकते हैं|

13) अरहर की दाल कार्बोहाइड्रेट्स का अच्छा स्रोत्र है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है. जब आप कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं तो ये शरीर में जाकर ग्लूकोज या ब्लड शुगर में ब्रेक हो जाता है. इसके बाद ब्लड शुगर इससे बॉडी, दिमाग और नर्वस सिस्टम को एनर्जी देता है|

14) तूर दाल फाइबर का एक अच्छा स्रोत हैं जिससे कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है. फाइबर युक्त डायट लेने से क्रोनिक डिजीज नहीं होती. नियमित रूप से फाइबर डायट में शामिल करने से दिल संबंधी रोग, स्ट्रोक, कई तरह के कैंसर, कार्डियोवस्कुलर डिजीज और टाइप 2 डायबिटीज से बचा जा सकता है|

Wednesday, March 2, 2016

मसूर की दाल खाने के फायदे: Benefits of eating lentils








मसूर का प्रयोग दाल के रूप में प्राय: हर जगह किया जाता है। मसूर में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोरीन, आयोडीन, एल्युमीनियम, कॉपर, जिंक, प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट एवं विटामिन डी आदि तत्व पाये जाते हैं।
मसूर दाल की प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। इस दाल को खाने से बहुत शक्ति मिलती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है। सौदर्य के हिसाब से भी यह दाल बहुत उपयोगी है।


मसूर के औषधीय गुण -
*मसूर की दाल को जलाकर, उसकी भस्म बना लें, इस भस्म को दांतों पर रगड़ने से दांतो के सभी रोग दूर होते हैं।
*मसूर के आटे में घी तथा दूध मिलाकर,सात दिन तक चेहरे पर लेप करने से झाइयां खत्म होती हैं।
*मसूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है ।*मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से आंतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है ।
*चेहरे के दाग-धब्बे को हटाने के लिए मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें 




जब चेहरे पर दाग धब्बे और मुहांसे हो जाये तो चेहरे की रंगत और रूप दोनों ही बेकार हो जाते है । इसका छोटा सा उपाय है कि रात को एक मुट्ठी मसूर की दाल थोड़े से पानी में भिगो दे सुबह जब वो पानी दाल  सारा सोख लेती है उसे पीस कर पेस्ट बना ले और उसमे थोड़ा सा दूध मिलाकर उस पेस्ट को दोनों समय अपने चेहरे पे लगाये और फिर दस या पंद्रह मिनट बाद मुंह को सादे पानी से धो ले । इससे चेहरे के सभी दाग धब्बे मुहांसे आदि थोड़े से दिनों में ही खत्म हो जायेंगे और चेहरा दमक उठता है |
*मसूर की भस्म बनाकर, भस्म में भैंस का दूध मिलाकर प्रात: सांय घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
*मसूर दाल के सेवन से रक्त की वृद्धि होती है तथा दौर्बल्य का शमन होता है।

जिन्हे कमजोरी हो या खून की कमी रहती हो उन्हें मसूर की दाल एक समय हर रोज़ खाना चाहिए और उसमे एक चम्मच गाय की घी मिलाले तो जल्दी ही कमजोरी दूर हो जाती है 
*मसूर की दाल खाने से पाचन,क्रिया ठीक होकर पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं।